पूजा-आरती से बढ़कर संध्या वंदन क्यों?

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प्राचीनकाल से ही संध्या वंदन का प्रचलन रहा है। संधिकाल में ही संध्या वंदन की जाती है, लेकिन वर्तमान में इसका प्रचलन कम हो गया है या सिर्फ वेदपाठी लोग ही करते हैं। अब मंदिरों में पूजा आरती का प्रचलन ही ज्यादा बढ़ गया है। प्राचीन काल में 8 में से 5

2017-10-04 08:30:00  

जिस साईं मंदिर में हनुमान प्रतिमा नहीं वह मंदिर अधूरा...

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आपने कुछ माह पहले एक ऐसा फोटो देखा होगा जिसमें हनुमानजी एक पेड़ उखाड़कर सांई बाबा के पीछे दौड़ते हैं और सांई बाबा भागते हुए नजर आ रहे हैं। इस पोस्टर में हनुमानजी सांई बाबा को पेड़ के तने से पीटते हुए नजर आते हैं।

2017-10-03 19:32:00  

Aayushyachya Pichavar

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eBook Title -Aayushyachya Pichavar Publisher -Esahity Pratishthan Author - Vijay Chitale Translated by - Catagory - Motiventional Download this book. var receivedWidget = function(data){ document.getElementById("le

2017-09-29 01:29:21  

Askti

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eBook Title - Askti Publisher - Esahity Pratishthan Author - Anusmruti Translated by - Catagory - Stories Download this book. var receivedWidget = function(data){ document.getElementById("learnyst-course-widget").

2017-09-24 23:12:49  

ये 3 काम करेंगे तो हो जाएंगे बर्बाद

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वाल्मीकि रामायण में ऐसे तीन कामों के बारे में बताया गया है जिस करन से व्यक्ति का जीवन बर्बाद हो जाता है। आओ जानते हैं कि कौन-से हैं वे तीन कार्य।

2017-09-22 12:44:00  

Udyami

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eBook Title -Udyami Publisher -Esahity Pratishthan Author - Jagdish Khandewale Translated by - Catagory - Novel Download this book. var receivedWidget = function(data){ document.getElementById("learnyst-course-widg

2017-09-22 04:44:50  

सिर्फ तीन सुगंध मिट जाएगा संताप

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यदि आप मानसिक तनाव में रहते हैं। घर में खुशियां नहीं हैं या किसी प्रकार का संताप रहता है, तो मात्र तीन प्रकार की सुगंध आपका जीवन बद देगी। आजमाकर देंखे। कमाल हो जाएगा। हिंदू धर्मानुसार सुगंध से आपका मस्तिष्क बदलता है, सोच बदलती है और सोच से

2017-09-21 10:18:00  

Akrandan

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eBook Title -Akrandan Publisher - Esahity Pratishthan Author - Rahul kharat Translated by - Catagory - Short stories Download this book. var receivedWidget = function(data){ document.getElementById("learnyst-course

2017-09-21 00:32:51  

तिमीलाई भेटेको मधुर क्षण / हरिभक्त कटुवाल

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2017-09-20 11:08:28  

तिमीलाई भेटेको मधुर क्षण / हरिभक्त कटुवाल

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तिमीलाई गुमाएको रात / हरिभक्त कटुवाल

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2017-09-20 11:00:40  

तिमीलाई गुमाएको रात / हरिभक्त कटुवाल

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2017-09-20 11:00:40  

साथीलाई / हरिभक्त कटुवाल

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2017-09-20 10:41:32  

यो जिन्दगी खै के जिन्दगी ! / हरिभक्त कटुवाल

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2017-09-20 10:33:08  

यो जिन्दगी खै के जिन्दगी ! / हरिभक्त कटुवाल

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2017-09-20 10:33:08  

यसबेला तिनलाई फर्क भनिदिए हुन्छ / हरिभक्त कटुवाल

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2017-09-20 10:28:37  

यसबेला तिनलाई फर्क भनिदिए हुन्छ / हरिभक्त कटुवाल

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2017-09-20 10:28:37  

दाइ कविता ! खै कविता ! / हरिभक्त कटुवाल

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2017-09-20 10:16:57  

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