‘अल्लाहु अकबर’ कहते हुए बम फोड़ने वाले आतंकी क्या वाक़ई किसी धर्म के नहीं होते?

Ajeet Bharti

सिर्फ इराक़ में आइसिस वालों ने अभी तक 1,70,000 से ज्यादा शिया मुसलमानों को मार दिया है। ये कैसे इस्लाम को आगे ले जा रहे हैं मुसलमानों को ही मार कर!

2016-07-02 01:54:11  

एक मुसलमान की बातों से दाढ़ी रखने वाले कुछ लोग नाराज़ हो गए हैं!

Ajeet Bharti

इरफ़ान ख़ान ने ईद के दिन बकरों की बलि और ‘क़ुर्बानी’ को लेकर एक जगह कुछ बोला। और वो बात बोली जो आप आमतौर पर किसी मुस्लिम के मुँह से, भले ही वो उसमें विश्वास करता हो, कभी नहीं सुनेंगे क्योंकि हिम्मत नहीं होती। इस्लाम पर कुछ भी बोलना स

2016-07-01 10:54:15  

रघुराम राजन, फेसबुकिया अर्थशास्त्री, और भारतीय अर्थव्यवस्था

Ajeet Bharti

मुझे जब चिदंबरम्, बरखा, राजदीप जैसे लोग राजन के जाने से तिलमिलाते दिखते हैं तो लगता है कि शायद उनका जाना ठीक ही होगा। क्योंकि ऐसे लोगों का अजेंडा पूरे देश के सामने है।

2016-06-19 02:48:56  

नहीं बैसाखनंदन, मोदी की विदेश यात्राओं से ग़रीबी नहीं मिटी…

Ajeet Bharti

ना ही किसानों के घर में मरे बाप और भाई लौट कर आने लगे, ना ही दाल के भाव कम हो गए, ना ही सड़कों के गड्ढे भर गए, ना ही दंगे बंद हुए, ना ही निचली जातियों के दिन फिर गए...

2016-06-09 11:52:14  

इंटेलेक्चुअल लेजिटिमेसी की राह वन-वे होती है

Ajeet Bharti

ये अपनी फ़र्ज़ी बुद्धिजीविता में इतने धँस चुके हैं कि मोदी की राजनीति और हिंदू धर्म के प्रति घृणा को खुलकर घृणा कहने में हिचकिचाते हैं। इससे इनको ये डर लगता है कि ये 'ऑब्जेक्टिव' नहीं रह जाएँगे। जबकि इन्हें अच्छे से पता है कि इनकी ये 'आलोचना' कि

2016-06-09 06:47:01  

when the lube of hypocrisy is used to sodomise art

Ajeet Bharti

if we keep banning works of art, we will be a stagnating society rotting in the filth of our own screwed projection of our whimsical minds where everything is rosy when we know it's not.

2016-06-07 12:46:56  

how i see syrian refugee crisis and isis

Ajeet Bharti

as syrian crisis is 'allowed' to worsen, the refugees will keep coming to the shores of developed economies facing recession and labour crises amid government regulations. these will be refugees and not citizens. citizens need to be paid minimum

2016-06-02 04:30:22  

तन्मय, आइ एम अ फ़ैन एण्ड वान्ट टू फ़क यॉर… बट हे! ऑल इन गुड ह्यूमर

Ajeet Bharti

ये तो वही बात हो गई कि मैं तन्मय से हाथ मिलाकर ये कहूँ कि 'मैं तुम्हारा बहुत बड़ा फ़ैन हूँ। और हाँ, तुम्हारे माँ की ...!' फिर हम दोनों 'हें हें हें' करते रहें और मैं ये कहूँ, "नाइस कॉमेडी ब्रो, बाइ द वे आइ वान्ट टू फक यॉर सिस्टर, ऑर मेबी नॉ

2016-05-31 10:01:43  

तन्मय भाट की कॉमेडी का स्तर ‘घटिया’ होने पर ही खत्म हो जाता है

Ajeet Bharti

अगर मेरी सारी कॉमेडी पर्सनल अटैक करके, 'कन्ट, डिक, फक, कॉक, पुस्सी' कहकर हँसी ला रही हो तो मुझे अपना प्रोफ़ेशन बदल लेना चाहिए।

2016-05-30 08:11:25  

सरकारों का जश्नी विज्ञापण ब्लिट्ज़क्रेग कहाँ तक उचित है?

Ajeet Bharti

हर गाँव के सबसे ग़रीब घर की माँ को जब बिना कंकड़ के गेहूँ-चावल, हर महीने, उचित मात्रा में मिले, जिसे खाकर उसका बच्चा सरकारी स्कूल में एक अच्छी शिक्षा पाए और पास के अस्पताल में बुखार होने पर दवा पा ले, और ज़िंदा रहे, तब आपकी या कोई भी सरकार सफल म

2016-05-29 07:01:42  

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